दिवाली के तुरंत बाद गुरु गोचर से इन 5 राशियों की चमकी किस्मत, क्या आपकी राशि भी है शामिल?

दीपावली के ठीक पहले ग्रहों की चाल में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क को छोड़कर सूर्य की राशि सिंह में प्रवेश कर चुके हैं। ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, सौभाग्य, धन, संतान और समृद्धि का कारक माना जाता है। ऐसे में बृहस्पति का यह राशि परिवर्तन कई लोगों के करियर, कारोबार और आर्थिक स्थिति के लिए बेहद खास रहने वाला है। खासकर 5 राशि के जातकों के लिए आने वाले महीनों में नए और शानदार अवसर मिलने की प्रबल संभावना बन गई है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को शनिवार के दिन दोपहर 12:50 बजे बृहस्पति ने सिंह राशि में गोचर किया। सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, जिन्हें ऊर्जा, नेतृत्व, आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। बृहस्पति और सूर्य के बीच नैसर्गिक मित्रता का संबंध है, इसलिए सिंह राशि में गुरु का यह प्रवेश नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक जिम्मेदारी और करियर में बड़ी छलांग लगाने से जुड़ा हुआ है। इस गोचर की एक और विशेषता यह है कि गुरु 13 दिसंबर 2026 को वक्री होंगे और 25 जनवरी 2027 को वापस कर्क राशि में लौट आएंगे। इसलिए अक्टूबर से जनवरी के बीच का यह समय कई राशियों के लिए नए अवसर और रुके हुए कार्यों को पूरा करने का सुनहरा मौका लेकर आया है।
मेष राशि के जातकों के लिए गुरु पांचवें भाव में गोचर कर रहे हैं, जो बुद्धि, शिक्षा और संतान से जुड़ा है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के नए अवसर मिलेंगे और प्रमोशन के योग बन रहे हैं। कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु दूसरे भाव में प्रवेश कर रहे हैं, जिसे धन, संचय और वाणी का स्थान माना जाता है। इस दौरान आय बढ़ाने के नए रास्ते खुलेंगे और रुका हुआ धन वापस मिलने की पूरी संभावना है। तुला राशि के लिए गुरु ग्यारहवें भाव में गोचर कर रहे हैं, जो लाभ और सफलता का स्थान माना जाता है। इससे नौकरी बदलने की इच्छा रखने वालों को बेहतरीन प्रस्ताव मिल सकते हैं। धनु राशि के जातकों के लिए यह गोचर भाग्य, धर्म और उच्च शिक्षा के द्वार खोलेगा, जबकि कुंभ राशि के सातवें भाव में गुरु का आना व्यापारिक साझेदारी और नए अनुबंधों में अकूत सफलता दिलाएगा।
